आज का दिन भारत–रूस कूटनीतिक रिश्तों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक जारी है, जो दोपहर लगभग 2 बजे तक चलने की संभावना है। इस उच्चस्तरीय बैठक में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, वैश्विक हालात, 2030 तक के आर्थिक रोडमैप और भारतीय निर्यात को बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हो रही है।
इससे पहले राष्ट्रपति भवन में पुतिन को भव्य सेरेमोनियल वेलकम दिया गया। स्वागत समारोह में 21 तोपों की सलामी दी गई और तीनों सेनाओं की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान दोनों देशों के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों का परिचय भी कराया गया।
इसके बाद राष्ट्रपति पुतिन राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने उनकी अगवानी की और पूरे राजकीय प्रोटोकॉल की जानकारी दी। पुतिन ने समाधि पर रूसी झंडे के रंगों से बना चक्र अर्पित किया और गुलाब की पंखुड़ियां चढ़ाईं।
हैदराबाद हाउस में प्रारंभिक बयान देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूक्रेन संकट की शुरुआत से ही भारत और रूस लगातार संपर्क में बने हुए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा,
“भारत न्यूट्रल नहीं है, भारत शांति के साथ है।”
पीएम मोदी ने यह भी बताया कि भारत विश्व में स्थिरता, संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक है।
✅ पुतिन ने क्या कहा?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि रूस यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रयास कर रहा है और इस प्रक्रिया में अमेरिका भी शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत–रूस के संबंध भरोसे पर आधारित हैं और दुनिया तभी आगे बढ़ सकती है जब सभी देश शांति के रास्ते पर चलें।
✅ बड़े समझौतों की उम्मीद
दिल्ली इस समय पुतिन के स्वागत में पूरी तरह सजी हुई है। पूरे दिन कूटनीतिक गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक के बाद रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और तकनीकी सहयोग से जुड़े कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। साथ ही दोनों देश एक संयुक्त बयान भी जारी कर सकते हैं।
अब सबकी निगाहें हैदराबाद हाउस में चल रही इस ऐतिहासिक बैठक के नतीजों पर टिकी हुई हैं।
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