इंदौर के बारे में कहा जाता है कि यह शहर एक दौर का गवाह है इसने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं

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जब देश गुलामी की बेड़ियो में था तब भी अंग्रेज यहां शासन नहीं कर पाए. इसके आसपास कुछ छावनियां बनाकर वह जरूर रहते थे. इसी की गवाही देती इमारत यहां पर मौजूद है जिसका नाम है फूटी कोठी. इसे बनवाया था होलकर राजवंश ने ताकि अंग्रेज ऐसी कोई हिमाकत न कर सके जिससे शहर वासियों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो.

वैसे यहां पर अंग्रेजों का सीधा शासन नहीं था क्योंकि यह एक प्रिंसली स्टेट था और यहां पर होलकर राजवंश का शासन था. इसी कारण अंग्रेजों की यहां कभी नहीं चली. लेकिन ब्रिटिश सेवा की चालबाजी और धोखेबाजी से बचने के लिए होलकर राजवंश ने शहर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस कोठी का निर्माण कराया था. ताकि शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर महू पर नजर रखी जा सके और किसी अप्रत्याशित हमले का तत्काल प्रभाव से जवाब दिया जा सके.

फूटी कोठी की खासियत 
इस कोठी का निर्माण महाराज शिवाजी राव होल्कर ने सन 1825 में शुरू कराया था जिसका काम 1875 तक चला. निर्माण के दौरान ही अंग्रेजों को इसकी जानकारी मिल गई थी जिसकी वजह से उन्होंने इसका काम रुकवा दिया और यह इमारत अधूरी रह गई. अगर आप गौर से इसका वीडियो देखेंगे तो भारतीय शैली में बनी यह दो मंजिल की यह इमारत छत विहीन है.

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