संसद में ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर ऐतिहासिक बहस, पीएम मोदी ने की शुरुआत

author
0 minutes, 0 seconds Read

राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर संसद में एक ऐतिहासिक बहस की शुरुआत हो गई है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस विशेष चर्चा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने वंदे मातरम के 150 वर्षों के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए देश में लगे आपातकाल (Emergency) का भी जिक्र किया, जिससे सदन में राजनीतिक माहौल गरमा गया।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और स्वतंत्रता संग्राम की चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस गीत ने आजादी की लड़ाई में देशवासियों को एकजुट करने का काम किया। साथ ही, आपातकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस पर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप भी लगाया, जिसे लेकर विपक्षी बेंचों में हलचल देखी गई।

संसद में हो रही इस विशेष बहस के लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। इस चर्चा के दौरान राष्ट्रीय गीत से जुड़े कई ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक पहलुओं पर विस्तार से बातचीत की जाएगी। उम्मीद है कि इस बहस के जरिए ‘वंदे मातरम’ से जुड़े कई ऐसे तथ्य भी सामने आएंगे, जो आम जनता को अब तक ज्ञात नहीं थे।

लोकसभा में चर्चा की शुरुआत पीएम मोदी ने की, जबकि विपक्ष की ओर से प्रियंका गांधी, गौरव गोगोई समेत कई वरिष्ठ सांसदों के बहस में भाग लेने की संभावना है। वहीं मंगलवार को राज्यसभा में ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा होगी, जिसकी शुरुआत गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। उनके बाद स्वास्थ्य मंत्री और राज्यसभा में नेता जेपी नड्डा बतौर दूसरे वक्ता अपनी बात रखेंगे।

कुल मिलाकर, वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर संसद में हो रही यह बहस न सिर्फ ऐतिहासिक है, बल्कि आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक मायने भी गहरे दिखाई देने वाले हैं।

Similar Posts

Leave a Reply

Discover more from nayaksamachar.co.in

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading