आवेदक दर दर भटक रहा बसें फायनेन्स मे होने से आवेदक के ऊपर किस्त और परिवहन विभाग का टैक्स बढ़ रहा हैं

author
0 minutes, 0 seconds Read

2 माह से अधिक समय में नहीं ढूंढ पाई सिविल लाइन पुलिस लापता 7:बसें ================ रीवा जिला मे अपराधियों द्वारा ऐसी ऐसी घटनाओ को अंजाम दिया जाता हैं सुनकर कानो मे यकीन नहीं होता हाँ लेकिन यह सच्ची घटना रीवा के माँ वैष्णो के संचालक संतोष कुमार तिवारी पिता श्री सीता राम निवासी पुष्पराज नगर के साथ घटी हैं संतोष तिवारी जो अपनी बसों को रीवा मैहर कटनी जबलपुर चलाते थे जिनको रीवा अनंतपुर निवासी दर्शन सिंह परिहार पिता नागेश सिंह परिहार जो रीवा इंदौर चलने वाली बस मे काम करते और घर मे माता पिता से परेशान और प्रताड़ित करने का रोना रोते हुऐ संतोष तिवारी के पास आते और रीवा इंदौर बस चलाने का बार बार आग्रह करते कहते की चाचा जी आप रीवा इंदौर बस चलाये मै देखभाल करूँगा और अच्छा कमा कर पैसे दूँगा जिससे संतोष तिवारी द्वारा बस खरीद कर दर्शन सिंह परिहार को चलाने व देख भाल करने की जिम्मेदारी सौफ दीं शुरू मे दर्शन सिंह द्वारा ईमानदारी से काम किया गया जिससे संतोष तिवारी का दर्शन सिंह पर भरोसा बढ़ता गया व संतोष तिवारी द्वारा बसें खरीद कर दर्शन सिंह को चलाने व देख भाल की जिम्मेदारी सौपते गए इस प्रकार दस बसे संतोष तिवारी द्वारा दर्शन सिंह को सौप दिया दर्शन सिंह जय भवानी के नाम ट्रेवल्स खोल रख्खा था जिसमे अपने नाम का बैंक अकाउंट लिंक करा रख्खा था जिससे ऑनलाइन का सारा पैसा दर्शन सिंह के खाते मे जमा होता रहा और दर्शन सिंह ऑनलाइन ही हिसाब बना कर पैसा संतोष तिवारी खाते मे ट्रांसफर करते रहे बीच मे पैसा कैश मे होने का बहना बना कर रोक लिया और इंदौर से रीवा आकर कैश देने की बात कहता रहा इसी बीच रीवा इंदौर चलने वाली इंटर सिटी बस का शीशा तोड़वाना शुरू कर दिया क्योंकि पहले इंटर सिटी बस मे ही कार्य करते थे और निकाले जाने से खफा थे जिससे एक डॉ की मौत होगई जिससे संतोष तिवारी ने कहाँ आप आपराधिक कृत्य करते हो इसलिए हम आपको बस चलाने के लिए नहीं देंगे अपनी बसें खुद चलवाएंगे मेरा हिसाब बना कर दे दो जिससे दर्शन ने मेंटिनेन्स का बहाना बना कर आठ बसें गायब कर दी जिसकी सूचना आवेदक संतोष तिवारी द्वारा थाना सिविल मे लाइन दीं जिससे सिविल लाइन द्वारा विवेचना उपरान्त अपराध कायम कर दो माह मे केवल एक ही बस पकड़ पाई जबकि दो माह का समय बीत चूका हैं

Similar Posts

Leave a Reply

Discover more from nayaksamachar.co.in

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading