मध्य प्रदेश में कफ सिरप के सेवन से 22 बच्चों की मौत के मामले में जांच जारी है। यह घटना राज्य के छिंदवाड़ा जिले के पारसिया क्षेत्र में हुई, जहां बच्चों को ColdRif नामक कफ सिरप दिया गया था। इस सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) नामक विषैले रसायन की मात्रा अनुमत सीमा से लगभग 500 गुना अधिक पाई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश पुलिस ने Sresan Pharmaceuticals के मालिक जी. रंगनाथन को गिरफ्तार किया है। उन्हें 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। रंगनाथन ने अदालत में दावा किया कि उन्होंने वर्षों तक बिना किसी समस्या के यह सिरप उत्पादित किया था। हालांकि, जांच अधिकारियों का कहना है कि यह मामला दवाओं की गुणवत्ता नियंत्रण में गंभीर चूक का है।
संबंधित दवाओं पर कार्रवाई
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रभावित सिरप को राज्यभर में प्रतिबंधित कर दिया है। इसके अलावा, Respifresh TR और Relife नामक अन्य दो सिरपों में भी DEG की उपस्थिति पाई गई है, जिन्हें गुजरात स्थित कंपनियों द्वारा उत्पादित किया गया है। इन सिरपों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी कफ सिरप का सेवन न करें। विशेषकर 4 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए कफ सिरप का सेवन खतरनाक हो सकता है।
समाज और चिकित्सा समुदाय की प्रतिक्रिया
इस घटना ने समाज में गहरा आक्रोश पैदा किया है। स्थानीय निवासियों और वकीलों ने आरोपी कंपनी के मालिक के लिए कड़ी सजा की मांग की है। वहीं, भारतीय बाल रोग अकादमी (IAP) ने चिकित्सक के खिलाफ दायर आपराधिक मामलों को वापस लेने की अपील की है, उनका कहना है कि यह मामला दवाओं की मिलावट का है, न कि चिकित्सकीय लापरवाही का।